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जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

अनुसुइया कथा

अनुसुइया कथा | Anasuya Katha सती अनुसूईया महर्षि अत्री की पत्नी थी। जो अपने पतिव्रता धर्म के कारण सुविख्यात थी। एक दिन देव ऋषि नारद जी  बारी-बारी से विष्णुजी, शिव जी और ब्रह्मा जी की अनुपस्थिति में विष्णु लोक, शिवलोक तथा ब्रह्मलोक पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने लक्ष्मी जी, पार्वती जी और सावित्री जी के सामने

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शिवभक्त राजा चंद्रसेन और बालक की कथा

शिवभक्त राजा चंद्रसेन और बालक की कथा | Shivbhakth Chandrasen Balak उज्जयिनी नगरी में महान शिवभक्त तथा जितेन्द्रिय चन्द्रसेन नामक एक राजा थे। उन्होंने शास्त्रों का गम्भीर अध्ययन कर उनके रहस्यों का ज्ञान प्राप्त किया था। उनके सदाचरण से प्रभावित होकर शिवजी के पार्षदों (गणों) में अग्रणी (मुख्य) मणिभद्र जी राजा चन्द्रसेन के मित्र बन

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महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग कथा – Mahakaleshwar Temple Ujjain

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – Mahakaleshwar Temple  उज्जैन नगरी में स्तिथ महाकाल ज्योतिर्लिंग (Mahakal Jyotirlinga) शिवजी का तीसरा ज्योतिर्लिंग कहलाता है। यह एक मात्र ज्योतिर्लिंग है जो दक्षिणमुखी है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Mandir) से सम्बंधित दो पौराणिक कथा पुराणों में वर्णित है जो इस प्रकार है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग कथा 1 – Mahakaleshwar Temple History in Hindi शिव

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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा

  सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा | Somnath jyotriling Katha शिव पुराण के अनुसार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव का प्रथम ज्योतिर्लिंग है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। ऐसी मान्यता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव ने की थी। पुराणो में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना से सम्बंधित कथा इस प्रकार

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ब्रह्म तत्व सर्वव्यापी है और जो शाश्वत अजर-अमर और अविनाशी स्वरूप है

ब्रह्म तत्व सर्वव्यापी है और जो शाश्वत अजर-अमर और अविनाशी स्वरूप है सृष्टि के कण-कण में उसका निवास है। अणु-अणु का मूलाधार वह परमात्म तत्त्व ही है। सब कुछ उसी से बनता और उसी चेतन शक्ति से परिचालित होता है। प्रत्येक पदार्थ एवं प्राणी एक उसी तत्त्व के अंश हैं। व्यक्तिगत जीवन समष्टिगत जीवन सीमित

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हिन्‍दू धर्म – जिसके मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान है …

हिन्‍दू धर्म – जिसके मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान है … हिन्‍दू धर्म -Sanatan Dharma  हिन्दुत्व को प्राचीन काल में सनातन धर्म कहा जाता था। हिन्दुओं के धर्म के मूल तत्त्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान आदि हैं जिनका शाश्वत महत्त्व है। अन्य प्रमुख धर्मों के उदय के पूर्व इन सिद्धान्तों को प्रतिपादित

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पीपल की पूजा की कथा

पीपल की पूजा की कथा | Pipali Pooja एक पौराणिक कथा के अनुसार लक्ष्मी और उसकी छोटी बहन दरिद्रा विष्णु के पास गई और प्रार्थना करने लगी कि हे प्रभो! हम कहां रहें? इस पर विष्णु भगवान ने दरिद्रा और लक्ष्मी को पीपल के वृक्ष पर रहने की अनुमति प्रदान कर दी। इस तरह वे

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जब चोर बने गोस्वामी तुलसीदास के शिष्य

जब चोर बने गोस्वामी तुलसीदास के शिष्य | Goswami Tulsidas Ke Shisya एक बार गोस्वामी तुलसीदास रात्रि को कहीं से लौट रहे थे कि सामने से कुछ चोर आते दिखाई दिए। चोरों ने तुलसीदास जी से पूछा – ‘कौन हो तुम?’  उत्तर मिला – ‘भाई, जो तुम सो मैं। चोरों ने उन्हें भी चोर समझा,

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संत पुंडलिक की मातृ-पितृ भक्ति

संत पुंडलिक की मातृ-पितृ भक्ति | Saint Pundlik Ki Bhakti संत पुंडलिक माता-पिता के परम भक्त थे। एक दिन पुंडलिक अपने माता-पिता के पैर दबा रहे थे कि श्रीकृष्ण रुक्मिणी के साथ वहां प्रकट हो गए, लेकिन पुंडलिक पैर दबाने में इतने लीन थे कि उनका अपने इष्टदेव की ओर ध्यान ही नहीं गया। तब

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संत कंवर राम की प्रभु भक्ति

संत कंवर राम की प्रभु भक्ति | Saint Kanwar Ram सिंध में कंवर राम नामक एक प्रसिद्ध संत हो गए हैं। वे गांव-गांव जाकर भगवद्भजन के माध्यम से भक्ति का प्रचार करते और लोगों को अध्यात्म, नैतिक गुणों तथा सांप्रदायिक सद्भाव की सीख देते। एक बार उनका मुकाम डहरकी नामक एक गांव में था। एक

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माघ स्नान की पौराणिक कथा

माघ स्नान की पौराणिक कथा | Maagh Snan Katha  स्कंदपुराण के रेवाखंड में माघ स्नान की कथा के उल्लेख में आया है कि प्राचीन काल में नर्मदा तट पर शुभव्रत नामक ब्राह्मण निवास करते थे। वे सभी वेद शास्त्रों के अच्छे ज्ञाता थे। किंतु उनका स्वभाव धन संग्रह करने का अधिक था। उन्होंने धन तो

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शनिवार व्रत कथा

शनिवार व्रत कथा | Shani Dev Vrat Katha Shani Dev Vrat Katha – अग्नि पुराण के अनुसारशनि ग्रह की से मुक्ति केलिए “मूल” नक्षत्र युक्तशनिवार से आरंभ करकेसात शनिवार शनिदेव की पूजा (Shani Vrat Katha) करनी चाहिए और व्रत करना चाहिए। व्रत कथा (Shani Dev Vrat Katha in Hindi) एक समय में स्वर्गलोक में सबसे

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सोमवार व्रत कथा

सोमवार व्रत कथा | Monday Vrat Katha  हिन्दू धर्म के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। जो व्यक्ति सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करते हैं उन्हें मनोवांछित फल अवश्य मिलता है। व्रत कथा: किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं

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बुधवार व्रत कथा

बुधवार व्रत कथा – Budhwar Vrat Katha Budhwar Vrat – बुध ग्रह की शांति और सर्व-सुखों की इच्छा रखनेवाले स्त्री-पुरुषों को बुधवार का व्रत अवश्य करना चाहिए। बुधवार का व्रत बुध ग्रह को शांत करने के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। बुधवार के दिन बुद्ध देव के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती

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नृसिंह जयंती व्रतकथा

नृसिंह जयंती व्रतकथा | Narsmiha Vrat Khatha हिन्दू पंचांग के अनुसारनृसिंह जयंती का व्रतवैशाख माह के शुक्ल पक्षकी चतुर्थी तिथि को मनायाजाता है| पुराणों में वर्णितकथाओं के अनुसार इसीपावन दिवस को भक्तप्रहलाद की रक्षा करने केलिए भगवान विष्णु ने नृसिंह रूप में अवतार लिया था| जिस कारणवश यह दिन भगवान नृसिंह के जयंती रूप में बड़े ही धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है| भगवान नृसिंह जयंती की व्रत कथा इस प्रकार से है- कथानुसार अपने भाई की मृत्यु का बदला लेने के लिए राक्षसराज हिरण्यकशिपु ने कठिन तपस्या करके ब्रह्माजी